political science CBSE class 11 course A Chapter 3 नमूना प्रश्नपत्र


📝 सीबीएसई नमूना प्रश्नपत्र (SAMPLE PAPER)

कक्षा: 11 (ग्यारहवीं)
विषय: राजनीतिक विज्ञान (Political Science – कोर्स A)
अध्याय: 3 – समानता (Equality)
अधिकतम अंक: 40
समय: 1 घंटे 30 मिनट


सामान्य निर्देश:

  1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  2. प्रश्नों को अंक के अनुसार विभाजित किया गया है।
    • बहुत लघु उत्तरीय प्रश्न – 1 अंक
    • लघु उत्तरीय प्रश्न – 2 और 3 अंक
    • दीर्घ उत्तरीय प्रश्न – 5 अंक
  3. उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त लिखें।
  4. जहाँ आवश्यक हो उदाहरण अवश्य दें।

खंड – A (बहुत लघु उत्तरीय प्रश्न – 1 अंक प्रत्येक)

(प्रत्येक प्रश्न का उत्तर एक पंक्ति में दें)

  1. राजनीतिक सिद्धांत में “समानता” शब्द का क्या अर्थ है?
  2. संविधान का कौन-सा अनुच्छेद समानता की गारंटी देता है?
  3. “स्वतंत्रता, समानता और भ्रातृत्व” का नारा किसने दिया?
  4. भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद अस्पृश्यता को समाप्त करता है?
  5. समानता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई कोई एक योजना का नाम लिखिए।

उत्तर कुंजी (Section A):

  1. समानता का अर्थ है – भेदभाव का अभाव तथा सभी व्यक्तियों को समान दर्जा, अधिकार और अवसर देना।
  2. अनुच्छेद 14 – विधि के समक्ष समानता (Equality before Law)।
  3. “स्वतंत्रता, समानता, भ्रातृत्व” का नारा फ्रांसीसी क्रांति (1789) के समय दिया गया था।
  4. अनुच्छेद 17 – अस्पृश्यता का उन्मूलन।
  5. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)।

खंड – B (लघु उत्तरीय प्रश्न – 2 अंक प्रत्येक)

(प्रत्येक उत्तर लगभग 50–60 शब्दों में दें)

  1. प्राकृतिक असमानता और सामाजिक असमानता में अंतर लिखिए।
  2. अवसर की समानता से आप क्या समझते हैं?
  3. समानता और स्वतंत्रता के बीच क्या संबंध है?
  4. सकारात्मक भेदभाव (Positive Discrimination) क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
  5. लोकतंत्र में समानता क्यों आवश्यक है?

उत्तर कुंजी (Section B):

  1. प्राकृतिक असमानता व्यक्ति की शारीरिक या मानसिक क्षमताओं में अंतर के कारण होती है, जिसे समाप्त नहीं किया जा सकता। जबकि सामाजिक असमानता समाज द्वारा बनाई जाती है, जैसे जाति या लिंग भेद – जिसे कानून और सुधारों से मिटाया जा सकता है।
  2. अवसर की समानता का अर्थ है – प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता विकसित करने के समान अवसर देना, बिना किसी भेदभाव के।
  3. समानता और स्वतंत्रता एक-दूसरे के पूरक हैं। स्वतंत्रता बिना समानता अत्याचार को जन्म देती है, जबकि समानता बिना स्वतंत्रता ठहराव लाती है। लोकतंत्र में दोनों का संतुलन आवश्यक है।
  4. सकारात्मक भेदभाव का अर्थ है पिछड़े वर्गों को विशेष सुविधा देना ताकि वे मुख्यधारा में आ सकें।
    उदाहरण: अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण।
  5. समानता लोकतंत्र की आत्मा है। यह नागरिकों को समान भागीदारी का अधिकार देती है, सामाजिक सम्मान की रक्षा करती है और सत्ता के केंद्रीकरण को रोकती है।

खंड – C (लघु उत्तरीय प्रश्न – 3 अंक प्रत्येक)

(प्रत्येक उत्तर लगभग 80–100 शब्दों में दें)

  1. समानता के तीन आयामों की व्याख्या कीजिए।
  2. भारत के संविधान में सामाजिक समानता को सुनिश्चित करने के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
  3. औपचारिक समानता और वास्तविक (सार्थक) समानता में अंतर लिखिए।
  4. भारत में समानता प्राप्त करने में दो प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?
  5. शिक्षा समानता को बढ़ावा देने में कैसे सहायक है?

उत्तर कुंजी (Section C):

  1. समानता के तीन आयाम हैं –
  • राजनीतिक समानता: सभी नागरिकों को समान राजनीतिक अधिकार, जैसे मतदान का अधिकार।
  • सामाजिक समानता: सभी व्यक्तियों को समान सामाजिक दर्जा और सम्मान।
  • आर्थिक समानता: संसाधनों और अवसरों का न्यायपूर्ण वितरण।
  1. संविधान द्वारा किए गए उपाय:
  • अनुच्छेद 14 – विधि के समक्ष समानता।
  • अनुच्छेद 15 – धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर भेदभाव का निषेध।
  • अनुच्छेद 17 – अस्पृश्यता का उन्मूलन।
  • आरक्षण और कल्याणकारी योजनाएँ।
  1. औपचारिक समानता का अर्थ है सभी को समान कानून लागू होना। जैसे – सभी को मतदान का अधिकार।
    वास्तविक समानता का अर्थ है – कमजोर वर्गों को अतिरिक्त सहायता देना ताकि वे समान स्थिति प्राप्त कर सकें। जैसे – आरक्षण।
  2. दो प्रमुख चुनौतियाँ हैं:
  • जाति और लिंग भेदभाव जो समाज में गहराई तक फैला है।
  • आर्थिक असमानता जिससे अमीर-गरीब के बीच खाई बढ़ती है।
  1. शिक्षा जागरूकता लाती है, अधिकारों का ज्ञान देती है और व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है। यह भेदभाव मिटाने और समान अवसर प्रदान करने में सहायक है।

खंड – D (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न – 5 अंक प्रत्येक)

(प्रत्येक उत्तर लगभग 150–200 शब्दों में दें)

  1. राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक समानता में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  2. समाज में समानता को बढ़ावा देने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं?
  3. “समानता और न्याय एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।” इस कथन की व्याख्या कीजिए।

उत्तर कुंजी (Section D):

16. राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक समानता:

  • राजनीतिक समानता: सभी नागरिकों को समान राजनीतिक अधिकार, जैसे मतदान और चुनाव लड़ने का अधिकार।
  • सामाजिक समानता: सभी व्यक्तियों को समान सामाजिक दर्जा और सम्मान। जैसे – अस्पृश्यता का उन्मूलन (अनुच्छेद 17)।
  • आर्थिक समानता: संसाधनों का समान वितरण और गरीबी में कमी। जैसे – मनरेगा, प्रगतिशील कर व्यवस्था।
    ➡️ तीनों मिलकर एक न्यायपूर्ण लोकतांत्रिक समाज की नींव रखते हैं।

17. समानता को बढ़ावा देने के उपाय:

  • संवैधानिक उपाय: अनुच्छेद 14–17 के अंतर्गत समानता के अधिकार।
  • सकारात्मक भेदभाव: आरक्षण प्रणाली।
  • कल्याणकारी योजनाएँ: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), मध्यान्ह भोजन योजना, मनरेगा आदि।
  • शिक्षा और जागरूकता: सामाजिक सुधार और मानसिक परिवर्तन लाना।
  • सामाजिक आंदोलन: जातिवाद, दहेज और लैंगिक असमानता के खिलाफ अभियान।
    ➡️ इन उपायों से समाज में वास्तविक समानता स्थापित की जा सकती है।

18. समानता और न्याय:

  • समानता और न्याय दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
  • न्याय का अर्थ है निष्पक्षता और समान व्यवहार।
  • जहाँ असमानता होती है, वहाँ अन्याय पनपता है।
  • उदाहरण: जातीय या लैंगिक भेदभाव समानता और न्याय दोनों का उल्लंघन है।
    ➡️ इसलिए कहा जाता है कि “जहाँ समानता है, वहीं न्याय है।”

खंड – E (मूल्य आधारित / केस स्टडी प्रश्न – 5 अंक)

19. नीचे दिए गए अनुच्छेद को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ प्रत्येक नागरिक को समान राजनीतिक अधिकार प्राप्त हैं। फिर भी सामाजिक और आर्थिक असमानताएँ बनी हुई हैं। सरकार ने पिछड़े वर्गों को आगे लाने के लिए छात्रवृत्ति, आरक्षण और कल्याण योजनाएँ शुरू की हैं।

(a) सरकार ऐसे विशेष उपाय क्यों करती है?
(b) यहाँ समानता का कौन-सा सिद्धांत प्रदर्शित होता है?
(c) समानता प्राप्त करने में कौन-सी दो बाधाएँ हैं?


उत्तर कुंजी (Section E):

(a) ताकि सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर मिल सकें और वे भेदभाव से बाहर आ सकें।
(b) यहाँ सार्थक या सकारात्मक समानता (Positive Equality) का सिद्धांत प्रदर्शित होता है।
(c) दो बाधाएँ हैं – सामाजिक पूर्वाग्रह (जाति/लिंग भेदभाव) और आर्थिक असमानता (गरीबी, बेरोजगारी)


कुल अंक वितरण (Total Marks):

  • खंड A → 5 अंक
  • खंड B → 10 अंक
  • खंड C → 15 अंक
  • खंड D → 15 अंक
  • खंड E → 5 अंक
    (सटीकता, प्रस्तुति और उदाहरण पर अतिरिक्त अंक)

📘 अध्ययन से अपेक्षित अधिगम परिणाम (Learning Outcomes):

विद्यार्थी इस अध्याय के बाद—

  1. समानता की परिभाषा और महत्व समझेंगे।
  2. समानता से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों को पहचानेंगे।
  3. राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक समानता में अंतर जानेंगे।
  4. समानता को बढ़ावा देने के उपायों को समझेंगे।
  5. समानता, स्वतंत्रता और न्याय के बीच संबंध स्पष्ट करेंगे।

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