अर्थशास्त्र – कक्षा 11
**अध्याय 8: भारत के विकास अनुभव – पड़ोसी देशों से तुलना
परिचय (INTRODUCTION)
- विकास का अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि नहीं बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार है।
- प्रत्येक देश अपने:
- ऐतिहासिक अनुभव
- राजनीतिक व्यवस्था
- सामाजिक संरचना
- संसाधनों की उपलब्धता
के आधार पर विकास का मार्ग चुनता है।
- भारत और उसके पड़ोसी देशों में कई समानताएँ हैं:
- औपनिवेशिक अतीत
- गरीबी और अशिक्षा की समस्या
- इसके बावजूद इन देशों ने भिन्न-भिन्न विकास रणनीतियाँ अपनाईं।
- इस अध्याय में भारत, चीन और पाकिस्तान के विकास अनुभवों की तुलना की गई है।
- तुलना के लिए निम्न संकेतकों का प्रयोग किया गया है:
- जनसांख्यिकीय संकेतक
- आर्थिक संकेतक
- मानव विकास संकेतक
- उद्देश्य यह समझना है कि विभिन्न नीतियों से विकास के परिणाम कैसे बदलते हैं।
भारत और उसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव
- भारत, चीन और पाकिस्तान लगभग एक ही समय में स्वतंत्र हुए।
- तीनों देशों को समान समस्याओं का सामना करना पड़ा:
- गरीबी
- बेरोजगारी
- कम औद्योगीकरण
- राजनीतिक व्यवस्थाएँ अलग-अलग रहीं:
- भारत → लोकतांत्रिक व्यवस्था
- चीन → समाजवादी व्यवस्था
- पाकिस्तान → सैन्य एवं अस्थिर नागरिक शासन
- इन्हीं कारणों से इनके विकास के परिणाम भी अलग रहे।
**विकास के मार्ग — एक संक्षिप्त दृष्टि
(DEVELOPMENTAL PATH – A SNAPSHOT VIEW)**
भारत
- भारत ने मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाया।
- सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों को महत्व दिया गया।
- विकास की प्रमुख विशेषताएँ:
- पंचवर्षीय योजनाएँ
- आत्मनिर्भरता
- लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया
- वर्ष 1991 में आर्थिक सुधार:
- उदारीकरण
- निजीकरण
- वैश्वीकरण
चीन
- चीन ने समाजवादी अर्थव्यवस्था अपनाई।
- सरकार का अर्थव्यवस्था पर कड़ा नियंत्रण।
- 1978 में आर्थिक सुधार:
- बाजार आधारित सुधार
- विदेशी व्यापार के लिए अर्थव्यवस्था खोलना
- विशेष ध्यान:
- औद्योगीकरण
- निर्यात आधारित विकास
- बुनियादी ढाँचा
पाकिस्तान
- पाकिस्तान ने भी मिश्रित अर्थव्यवस्था अपनाई।
- राजनीतिक अस्थिरता ने विकास को प्रभावित किया।
- अर्थव्यवस्था का अधिक झुकाव:
- विदेशी सहायता
- सैन्य व्यय
- विकास दर असमान और अस्थिर रही।
**जनसांख्यिकीय संकेतक
(DEMOGRAPHIC INDICATORS)**
जनसांख्यिकीय संकेतक जनसंख्या से संबंधित विकास को दर्शाते हैं।
1. जनसंख्या आकार
- चीन की जनसंख्या सबसे अधिक है।
- भारत दूसरे स्थान पर है।
- पाकिस्तान की जनसंख्या अपेक्षाकृत कम है।
2. जनसंख्या वृद्धि दर
- चीन की जनसंख्या वृद्धि दर सबसे कम है।
- भारत की वृद्धि दर मध्यम है।
- पाकिस्तान की वृद्धि दर अधिक है।
3. जीवन प्रत्याशा
- चीन में जीवन प्रत्याशा सबसे अधिक है।
- भारत चीन से पीछे है।
- पाकिस्तान में जीवन प्रत्याशा सबसे कम है।
4. साक्षरता दर
- चीन ने उच्च साक्षरता दर प्राप्त की है।
- भारत की साक्षरता दर में सुधार हुआ है, परंतु चीन से कम है।
- पाकिस्तान की साक्षरता दर सबसे कम है।
5. शिशु मृत्यु दर (IMR)
- प्रति 1000 जीवित जन्मों पर शिशुओं की मृत्यु।
- चीन में IMR सबसे कम।
- भारत में IMR मध्यम।
- पाकिस्तान में IMR सबसे अधिक।
**सकल घरेलू उत्पाद और क्षेत्र
(GROSS DOMESTIC PRODUCT AND SECTORS)**
सकल घरेलू उत्पाद (GDP)
- GDP देश में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को दर्शाता है।
- चीन की GDP वृद्धि दर सबसे अधिक रही है।
- भारत की GDP वृद्धि स्थिर लेकिन चीन से कम है।
- पाकिस्तान की GDP वृद्धि धीमी और अस्थिर है।
प्रति व्यक्ति आय
- चीन में प्रति व्यक्ति आय सबसे अधिक है।
- भारत दूसरे स्थान पर है।
- पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है।
क्षेत्रवार योगदान (SECTORAL CONTRIBUTION)
1. कृषि क्षेत्र
- तीनों देशों में कृषि रोजगार का प्रमुख स्रोत है।
- भारत में कृषि पर निर्भरता अधिक है।
- चीन में कृषि पर निर्भरता कम हुई है।
- पाकिस्तान भी कृषि पर काफी निर्भर है।
2. औद्योगिक क्षेत्र
- चीन का औद्योगिक क्षेत्र बहुत मजबूत है।
- भारत में औद्योगिक विकास मध्यम है।
- पाकिस्तान का औद्योगिक क्षेत्र कमजोर है।
3. सेवा क्षेत्र
- भारत का सेवा क्षेत्र तेजी से बढ़ा है।
- IT, बैंकिंग और पर्यटन का बड़ा योगदान।
- चीन में सेवा क्षेत्र बढ़ रहा है, लेकिन उद्योग प्रमुख है।
- पाकिस्तान में सेवा क्षेत्र का विकास सीमित है।
**मानव विकास के संकेतक
(INDICATORS OF HUMAN DEVELOPMENT)**
1. मानव विकास सूचकांक (HDI)
- HDI में शामिल हैं:
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- जीवन स्तर
- चीन का HDI सबसे बेहतर है।
- भारत दूसरे स्थान पर है।
- पाकिस्तान सबसे पीछे है।
2. शिक्षा
- चीन ने प्राथमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया।
- भारत में शिक्षा का विस्तार हुआ है लेकिन गुणवत्ता असमान है।
- पाकिस्तान शिक्षा क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है।
3. स्वास्थ्य
- चीन की स्वास्थ्य सुविधाएँ बेहतर हैं।
- भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएँ कमजोर हैं।
- पाकिस्तान में स्वास्थ्य ढाँचा कमजोर है।
4. गरीबी
- चीन ने गरीबी को तेजी से कम किया।
- भारत में गरीबी में कमी धीरे-धीरे हुई।
- पाकिस्तान में गरीबी की समस्या गंभीर बनी रही।
**विकास रणनीतियाँ — एक मूल्यांकन
(DEVELOPMENT STRATEGIES — AN APPRAISAL)**
भारत की विकास रणनीति
सकारात्मक पक्ष:
- लोकतांत्रिक शासन
- कुशल मानव संसाधन
- मजबूत सेवा क्षेत्र
नकारात्मक पक्ष:
- असमानता
- आधारभूत ढाँचे की कमी
- धीमा औद्योगिक विकास
चीन की विकास रणनीति
सकारात्मक पक्ष:
- तीव्र औद्योगीकरण
- निर्यात आधारित वृद्धि
- मजबूत सरकारी नियंत्रण
नकारात्मक पक्ष:
- पर्यावरण प्रदूषण
- राजनीतिक स्वतंत्रता की कमी
- क्षेत्रीय असमानताएँ
पाकिस्तान की विकास रणनीति
सकारात्मक पक्ष:
- कृषि की संभावनाएँ
- रणनीतिक भौगोलिक स्थिति
नकारात्मक पक्ष:
- राजनीतिक अस्थिरता
- अधिक सैन्य व्यय
- मानव विकास में कम निवेश
निष्कर्ष (CONCLUSION)
- भारत, चीन और पाकिस्तान ने विकास की शुरुआत समान परिस्थितियों से की।
- अलग-अलग नीतियों और राजनीतिक व्यवस्थाओं के कारण विकास के परिणाम भिन्न रहे।
- चीन ने तेज आर्थिक वृद्धि हासिल की, लेकिन पर्यावरणीय समस्याएँ बढ़ीं।
- भारत ने लोकतंत्र बनाए रखते हुए मध्यम गति से विकास किया।
- पाकिस्तान राजनीतिक अस्थिरता के कारण पिछड़ गया।
- विकास अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि:
- केवल आर्थिक वृद्धि पर्याप्त नहीं
- मानव विकास और स्थिर नीतियाँ आवश्यक हैं
- संतुलित और समावेशी विकास ही दीर्घकालीन प्रगति का आधार है।
