कक्षा 11 – राजनीतिक विज्ञान CBSE (Course B)अध्याय 7 (sample paper)


🟩 कक्षा 11 – राजनीतिक विज्ञान (Course B)

अध्याय 7 – क्षेत्रीय आकांक्षाएँ

पूर्णांक – 40 | समय – 1 घंटा 30 मिनट


🧩 सामान्य निर्देश:

  1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  2. प्रश्नों के अंक उनके सामने लिखे हैं।
  3. उत्तर संक्षिप्त और बिंदुवार लिखें।
  4. उदाहरण दें जहाँ आवश्यक हो।

खंड – A (अति लघु उत्तरीय प्रश्न)

(प्रत्येक प्रश्न 1 अंक)


प्रश्न 1. “क्षेत्रीय आकांक्षाएँ” से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: क्षेत्रीय आकांक्षाएँ किसी विशेष क्षेत्र द्वारा राजनीतिक, सांस्कृतिक या आर्थिक पहचान की मांग होती हैं।


प्रश्न 2. क्षेत्रीय आकांक्षाओं के उद्भव का एक कारण बताइए।
उत्तर: भाषा, संस्कृति और परंपराओं की सुरक्षा।


प्रश्न 3. भारत में किसी एक क्षेत्र का नाम बताइए जिसका अलग पहचान हो।
उत्तर: जम्मू-कश्मीर या उत्तर-पूर्व भारत


प्रश्न 4. जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष संवैधानिक प्रावधान क्या था?
उत्तर: अनुच्छेद 370 (अब निरस्त)


प्रश्न 5. उत्तर-पूर्व भारत के दो राज्य बताइए जहाँ जनजातीय आबादी अधिक है।
उत्तर: नागालैंड और मिज़ोरम (या मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश आदि)


प्रश्न 6. क्षेत्रीय आकांक्षाओं को समायोजित करने का एक उपाय बताइए।
उत्तर: संघीय ढांचा और केंद्र-राज्य के बीच शक्तियों का विभाजन या अनुच्छेद 370 & 371 जैसी संवैधानिक सुरक्षा।


प्रश्न 7. क्षेत्रीय आकांक्षाओं के कारण उत्पन्न होने वाली एक राजनीतिक चुनौती बताइए।
उत्तर: विद्रोह या अलग राज्य की मांग राष्ट्रीय एकता को चुनौती दे सकती है।


प्रश्न 8. क्षेत्रीय आकांक्षाओं को स्वीकार करने का एक लाभ बताइए।
उत्तर: लोकतंत्र मजबूत होता है, अलगाव कम होता है और राष्ट्रीय एकता बढ़ती है।


खंड – B (लघु उत्तरीय प्रश्न)

(प्रत्येक प्रश्न 2 अंक)


प्रश्न 9. क्षेत्रीय आकांक्षाओं के दो ऐतिहासिक कारण बताइए।
उत्तर:

  1. ऐतिहासिक रूप से स्वतंत्र या स्वायत्त क्षेत्रों की पहचान की मांग।
  2. सांस्कृतिक या भाषाई भिन्नताएँ।

प्रश्न 10. क्षेत्रीय आकांक्षाओं के दो आर्थिक कारण बताइए।
उत्तर:

  1. क्षेत्रों में असमान विकास।
  2. संसाधनों या वित्तीय आवंटन में उपेक्षा।

प्रश्न 11. क्षेत्रीय आकांक्षाओं के दो रूप बताइए।
उत्तर:

  1. अलग राज्य की मांग।
  2. राज्य के भीतर स्वायत्तता या विशेष मान्यता की मांग।

प्रश्न 12. उत्तर-पूर्व में आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार ने दो उपाय क्या किए?
उत्तर:

  1. छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त जिला परिषद का निर्माण।
  2. राज्यों का निर्माण (जैसे मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम)।

प्रश्न 13. क्षेत्रीय आकांक्षाओं के प्रबंधन में संवाद और वार्ता कैसे मदद करती है?
उत्तर:

  • शिकायतों का शांतिपूर्ण समाधान।
  • समावेशी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करना।

प्रश्न 14. क्षेत्रीय और राष्ट्रीय हितों के संतुलन के लिए एक संवैधानिक सुरक्षा उपाय बताइए।
उत्तर: अनुच्छेद 370 या 371 शृंखला के तहत विशेष प्रावधान।


खंड – C (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

(प्रत्येक प्रश्न 4 अंक)


प्रश्न 15. भारत में क्षेत्रीय आकांक्षाएँ क्यों उत्पन्न होती हैं?
उत्तर:

  • ऐतिहासिक कारण: स्वतंत्र क्षेत्रों या राज्याओं की पहचान की मांग।
  • आर्थिक कारण: विकास या संसाधनों में असमानता।
  • सांस्कृतिक और भाषाई कारण: स्थानीय भाषा, संस्कृति और परंपराओं की सुरक्षा।
  • राजनीतिक कारण: सत्ता में हिस्सेदारी न होना या केंद्रीयकृत शासन।

प्रश्न 16. जम्मू-कश्मीर में क्षेत्रीय आकांक्षाओं का विवरण दीजिए।
उत्तर:

  • अलग संस्कृति, धर्म और भाषा की वजह से अलग पहचान।
  • स्वायत्तता और स्वशासन की मांग।
  • चुनौतियाँ: विद्रोह, राजनीतिक अस्थिरता, केंद्रीय शासन में अविश्वास।
  • सरकारी उपाय: अनुच्छेद 370 & 35A, सुरक्षा उपाय, विकास कार्यक्रम और राजनीतिक संवाद।

प्रश्न 17. उत्तर-पूर्व भारत में क्षेत्रीय आकांक्षाओं का विवरण दीजिए।
उत्तर:

  • आठ राज्य, जनजातीय आबादी और अलग संस्कृति।
  • स्वायत्तता, पहचान की सुरक्षा या राज्य निर्माण की मांग।
  • चुनौतियाँ: विद्रोह, जातीय संघर्ष, आर्थिक पिछड़ापन।
  • सरकारी उपाय: स्वायत्त जिला परिषद, राज्य निर्माण, शांति समझौते (शिलांग समझौता, असम समझौता), विकास कार्यक्रम।

प्रश्न 18. क्षेत्रीय आकांक्षाओं को समायोजित करते हुए राष्ट्रीय एकता को कैसे मजबूत किया जा सकता है?
उत्तर:

  • संवैधानिक सुरक्षा: अनुच्छेद 370 & 371 शृंखला।
  • विकेंद्रीकरण: पंचायत राज और स्थानीय शासन।
  • विकासात्मक पहल: क्षेत्रीय असमानता को दूर करना।
  • राजनीतिक संवाद: शिकायतों का शांतिपूर्ण समाधान।
  • लाभ: अलगाव कम होता है, लोकतंत्र मजबूत होता है और राष्ट्रीय एकता बढ़ती है।

खंड – D (निबंधात्मक प्रश्न)

(प्रत्येक प्रश्न 6 अंक)


प्रश्न 19. क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राष्ट्रीय एकता के संतुलन की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:

  • क्षेत्रीय मांगें केंद्रीय सत्ता से टकरा सकती हैं
  • उदाहरण: जम्मू-कश्मीर का स्वायत्तता, उत्तर-पूर्व जनजातीय मांगें।
  • आकांक्षाओं की अनदेखी से अलगाव, विद्रोह या अलगाववाद बढ़ सकता है।
  • समाधान: संवैधानिक प्रावधान, विकेंद्रीकरण, संवाद और विकास।
  • निष्कर्ष: प्रभावी संतुलन राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है और विविधता का सम्मान करता है।

प्रश्न 20. भारत में क्षेत्रीय आकांक्षाओं को समायोजित करने के उपाय सुझाइए।
उत्तर:

  1. संवैधानिक प्रावधान: राज्यों और क्षेत्रों के लिए विशेष शक्तियाँ (अनुच्छेद 370, 371)।
  2. विकेंद्रीकृत शासन: पंचायत राज और स्थानीय स्वशासन।
  3. आर्थिक विकास: क्षेत्रीय असमानता को दूर करना।
  4. राजनीतिक संवाद: शिकायतों का शांतिपूर्ण समाधान।
  5. सांस्कृतिक मान्यता: भाषा, परंपरा और जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा।
  • निष्कर्ष: क्षेत्रीय आकांक्षाओं का समायोजन लोकतंत्र, संघवाद और राष्ट्रीय एकता को सुनिश्चित करता है।

पूर्णांक वितरण सारणी

खंडप्रश्न का प्रकारप्रश्न संख्याप्रत्येक प्रश्न के अंककुल अंक
Aअति लघु उत्तर818
Bलघु उत्तर6212
Cदीर्घ उत्तर4416
Dनिबंधात्मक2612
कुल2040

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