अध्याय 7 – परिवहन एवं संचार (हिन्दी नोट्स)
1. परिचय (Introduction)
- परिवहन और संचार किसी भी आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।
- परिवहन वस्तुओं, कच्चे माल, तैयार उत्पादों तथा लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की प्रक्रिया है।
- संचार विचारों, सूचनाओं और संदेशों को दूर-दूर तक पहुँचाने की प्रक्रिया है।
- दोनों प्रणालियाँ स्थानीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक-दूसरे से जोड़ती हैं।
- आधुनिक तकनीक—हाईवे, उच्चगति रेल, समुद्री मार्ग, उन्नत हवाई नेटवर्क, फाइबर-ऑप्टिक—ने दुनिया को एक-दूसरे के करीब ला दिया है।
- किसी देश में परिवहन व संचार का विकास उसकी आर्थिक प्रगति, जीवन स्तर और आधुनिकता का सूचक है।
परिवहन (TRANSPORT)
2. परिवहन के प्रकार (Modes of Transportation)
परिवहन को तीन प्रमुख वर्गों में विभाजित किया जाता है—
- स्थलीय परिवहन (Land Transport)
- जल परिवहन (Water Transport)
- वायु परिवहन (Air Transport)
प्रत्येक माध्यम की अपनी अलग तकनीक, बुनियादी संरचना, लाभ व सीमाएँ होती हैं।
A. स्थलीय परिवहन (Land Transport)
स्थलीय परिवहन सबसे पुराना और सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला माध्यम है। इसमें शामिल हैं—
- हाईवे (Highways)
- सड़कें (Roads)
- रेलमार्ग (Railways)
- सीमांत सड़कें (Border Roads)
- अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग (Trans-Continental Railways)
3. हाईवे (Highways)
- हाईवे वे प्रमुख सड़क मार्ग होते हैं जो लंबी दूरी को तेज गति से जोड़ते हैं।
- ये बड़े शहरों, बंदरगाहों, औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक केंद्रों तथा पर्यटन स्थलों को जोड़ते हैं।
- बहु-लेन, मजबूत, चौड़ी और उच्च गति के अनुकूल होती हैं।
विशेषताएँ
- यातायात का निर्बाध प्रवाह।
- पुल, फ्लाईओवर, सुरंग, डिवाइडर जैसी संरचनाएँ।
- सुरक्षा के लिए संकेतक, मार्किंग, साइन बोर्ड आदि।
हाईवे के प्रकार
- राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways): देश का मुख्य परिवहन ढाँचा।
- राज्य राजमार्ग (State Highways): राज्य की राजधानी को जिलों से जोड़ते हैं।
- जिला सड़कें (District Roads): जिला मुख्यालय को कस्बों व गाँवों से जोड़ती हैं।
- ग्रामीण सड़कें: ग्रामीण संपर्क हेतु, PMGSY जैसी योजनाएँ।
- एक्सप्रेसवे: नियंत्रित प्रवेश वाले, अत्यधिक तेज गति के लिए बनाए जाते हैं।
महत्व
- व्यापार व वाणिज्य को गति।
- दूरस्थ क्षेत्रों को विकसित क्षेत्रों से जोड़ना।
- उद्योगों के लिए कच्चे माल की आवक और उत्पादों की निकासी।
- पर्यटन और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण।
4. सड़कें (Roads)
विशेषताएँ
- सबसे लचीला और अधिकतम उपयोग वाला परिवहन।
- घर-से-घर (door-to-door) सुविधा।
- कहीं भी निर्मित की जा सकती हैं—पहाड़, रेगिस्तान, मैदानी क्षेत्र।
प्रकार
- पक्की सड़कें (Metalled Roads): डामर/कंक्रीट से बनी।
- कच्ची सड़कें (Unmetalled Roads): मिट्टी/कंकड़ वाली।
- शहरी सड़कें: शहर की व्यस्त सड़कें, पुल, ओवरब्रिज।
- ग्रामीण सड़कें: गाँवों को जोड़ने वाली।
लाभ
- निर्माण में कम समय और लागत।
- खराब होने वाली वस्तुओं (दूध, फल, सब्जियाँ) के लिए उपयुक्त।
- अंतिम छोर (last-mile) तक पहुँच।
सीमाएँ
- भारी माल हेतु असुविधाजनक।
- मौसम—बारिश, बाढ़, बर्फबारी से प्रभावित।
5. रेल परिवहन (Railways)
- भारी और थोक माल को लंबी दूरी तक सस्ते में ले जाने का सबसे प्रभावी साधन।
- बड़े शहरों, खनन क्षेत्रों, औद्योगिक केंद्रों को जोड़ता है।
विशेषताएँ
- निश्चित मार्ग और समय सारिणी।
- यात्रियों और माल दोनों के लिए विशाल क्षमता।
- विद्युतीकरण से गति, दक्षता और प्रदूषण में कमी।
रेल विकास को प्रभावित करने वाले कारक
- स्थलरूप: मैदानी क्षेत्र उपयुक्त, पहाड़ी क्षेत्र चुनौतीपूर्ण।
- जनसंख्या घनत्व: घने क्षेत्र में अधिक रेल नेटवर्क।
- आर्थिक गतिविधि: उद्योग/खनिज क्षेत्र में घना रेल मार्ग।
- सरकारी नीतियाँ: रेल निवेश और सुधार।
- तकनीक: सिग्नलिंग, हाई-स्पीड ट्रेन, माल कॉरिडोर।
महत्व
- बाज़ारों को एक-दूसरे से जोड़ना।
- कोयला, लोहा, सीमेंट जैसे थोक माल का परिवहन।
- राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना।
6. सीमांत सड़कें (Border Roads)
- सामरिक तथा दुर्गम क्षेत्रों में बनने वाली सड़कें।
- हिमालय, रेगिस्तान, घने जंगलों जैसे कठिन इलाकों में।
विशेषताएँ
- सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।
- निर्माण और रखरखाव—BRO (Border Roads Organisation) द्वारा।
महत्व
- सेना की आवाजाही व उपकरणों की आपूर्ति।
- सीमा क्षेत्रों में बसने वाले लोगों के लिए जीवनरेखा।
- पर्यटन को बढ़ावा—लद्दाख, अरुणाचल, सिक्किम आदि।
7. अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग (Trans-Continental Railways)
विशेषताएँ
- हजारों किलोमीटर लंबी रेललाइनें।
- महाद्वीप के एक छोर से दूसरे छोर तक संपर्क।
- विशाल भूभाग को जोड़कर आर्थिक एकीकरण बढ़ाती हैं।
प्रमुख उदाहरण
- ट्रांस-साइबेरियन रेलवे (रूस) – विश्व की सबसे लंबी।
- कनाडियन पैसिफिक रेलवे
- ऑस्ट्रेलियन ट्रांस-कॉन्टिनेंटल रेलवे
- अमेरिकी ट्रांस-अमेरिकन रेलवे
महत्व
- आंतरिक संसाधन क्षेत्रों को बंदरगाहों से जोड़ना।
- कम आबादी वाले क्षेत्रों में बसावट को बढ़ावा।
- अंतर-महाद्वीपीय व्यापार को गति।
B. जल परिवहन (Water Transport)
जल परिवहन सबसे सस्ता, ईंधन-किफायती और ऊर्जा-सक्षम माध्यम है।
दो प्रकार—
- समुद्री मार्ग (Sea Routes)
- अंतर्देशीय जलमार्ग (Inland Waterways)
8. समुद्री मार्ग (Sea Routes)
- समुद्रों/महासागरों पर बने व्यापारिक मार्ग।
- विश्व के अधिकांश अंतरराष्ट्रीय व्यापार की रीढ़।
विशेषताएँ
- धीमे लेकिन अत्यंत सस्ते।
- भारी और थोक माल के लिए उपयुक्त।
- प्राकृतिक बंदरगाह व आधुनिक पोर्ट सुविधाएँ आवश्यक।
मुख्य समुद्री मार्ग
- नॉर्थ अटलांटिक मार्ग – विश्व का सबसे व्यस्त।
- मेडिटरेनियन–सूएज़–भारतीय महासागर मार्ग
- केप ऑफ गुड होप मार्ग – अफ्रीका के चारों ओर।
- ट्रांस-प्रशांत मार्ग – अमेरिका और एशिया–ऑस्ट्रेलिया को जोड़ता है।
महत्व
- वैश्विक व्यापार की नींव।
- देशों के बीच आर्थिक निर्भरता बढ़ाता है।
- परिवहन लागत कम करता है।
9. अंतर्देशीय जलमार्ग (Inland Waterways)
- नदियों, झीलों, नहरों आदि में होने वाला परिवहन।
लाभ
- सबसे सस्ता।
- पर्यावरण-अनुकूल।
- कोयला, लकड़ी, अनाज जैसे थोक माल के लिए उपयुक्त।
सीमाएँ
- जलस्तर पर मौसमी प्रभाव।
- गति धीमी।
- केवल नौगम्य (navigable) नदियों में ही संभव।
उदाहरण
- राइन नदी (यूरोप)
- मिसिसिपी–मिसौरी प्रणाली (अमेरिका)
- गंगा–ब्रह्मपुत्र प्रणाली (भारत)
- वोल्गा नदी (रूस)
C. वायु परिवहन (Air Transport)
10. वायु परिवहन
- सबसे तेज और तकनीकी रूप से उन्नत परिवहन माध्यम।
- दुर्गम, पर्वतीय, रेगिस्तानी और दूर-दराज़ क्षेत्रों को जोड़ने में सक्षम।
विशेषताएँ
- उच्च गति और अधिक दक्षता।
- दूरस्थ स्थानों के लिए आदर्श।
- आपातकालीन सहायता में निर्णायक भूमिका।
लाभ
- समय की बचत।
- पर्वतीय क्षेत्रों—लद्दाख, उत्तर-पूर्व, द्वीपों को जोड़ना।
- आपदा राहत—दवाइयाँ, खाद्य सामग्री, बचाव कार्य।
सीमाएँ
- सबसे महँगा।
- मौसम पर निर्भर—कोहरा, तूफान, तेज हवाएँ।
- भारी माल की सीमित क्षमता।
प्रकार
- घरेलू वायु सेवाएँ (Domestic Transport)
- अंतरराष्ट्रीय वायु सेवाएँ (International Transport)
संचार (COMMUNICATIONS)
11. संचार
संचार विचारों, संदेशों और सूचनाओं को माध्यमों के द्वारा दूर तक पहुँचाने की प्रक्रिया है।
संचार के प्रकार
- व्यक्तिगत संचार
- टेलीफोन, मोबाइल, पत्र, ईमेल।
- जनसंचार (Mass Communication)
- टीवी, रेडियो, समाचार पत्र, इंटरनेट, सिनेमा।
- डिजिटल संचार
- सोशल मीडिया, वीडियो कॉलिंग, ऑनलाइन मीटिंग, ऐप्स।
विकास में संचार की भूमिका
- व्यापारिक निर्णयों में तेजी।
- शिक्षा और सूचना उपलब्धता।
- संस्कृतियों को जोड़ना।
- शासन और लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करना।
आधुनिक संचार तकनीक
- उपग्रह संचार (Satellite Communication)
- फाइबर-ऑप्टिक केबल
- वायरलेस टेलीकम्युनिकेशन
- हाई-स्पीड इंटरनेट
- GPS और नेविगेशन सिस्टम
महत्व
- ज्ञान-आधारित समाज का निर्माण।
- ई-कॉमर्स, डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन सेवाएँ संभव।
- वैश्विक अर्थव्यवस्था में जुड़ाव बढ़ाना।
12. निष्कर्ष (Conclusion)
- परिवहन और संचार किसी भी देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उन्नति के लिए अनिवार्य हैं।
- भूमि, जल और वायु परिवहन मिलकर विश्व के विभिन्न भागों को जोड़ते हैं।
- आधुनिक संचार ने दुनिया को “वैश्विक गाँव” में बदल दिया है।
- कुशल परिवहन लागत और समय दोनों कम करता है, जबकि संचार तुरंत जानकारी उपलब्ध कराता है।
- निरंतर विस्तार और आधुनिकीकरण इन दोनों क्षेत्रों की प्राथमिक आवश्यकता है जिससे देश वैश्विक विकास की गति से कदम मिला सके।
