कक्षा 11 – राजनीतिक विज्ञान (Course B)अध्याय 6 (sample paper)


🟩 कक्षा 11 – राजनीतिक विज्ञान (Course B)

अध्याय 6 – लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट

पूर्णांक – 40 | समय – 1 घंटा 30 मिनट


🧩 सामान्य निर्देश:

  1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  2. प्रश्नों के अंक उनके सामने लिखे हैं।
  3. उत्तर संक्षिप्त और बिंदुवार लिखें।
  4. उदाहरण देने की आवश्यकता होने पर दें।

खंड – A (अति लघु उत्तरीय प्रश्न)

(प्रत्येक प्रश्न 1 अंक)


प्रश्न 1. “लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट” से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: यह वह अवधि है जब लोकतांत्रिक संस्थाएँ और मानदंड खतरे में पड़ते हैं, और कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका और नागरिकों के बीच सत्ता का संतुलन बिगड़ जाता है।


प्रश्न 2. 1975 में आपातकाल घोषित करने के लिए संविधान का कौन सा अनुच्छेद लागू किया गया?
उत्तर: अनुच्छेद 352


प्रश्न 3. 1975 में आपातकाल के समय भारत के राष्ट्रपति कौन थे?
उत्तर: फखरुद्दीन अली अहमद


प्रश्न 4. आपातकाल से पहले का एक सामाजिक आंदोलन बताइए।
उत्तर: जेपी आंदोलन (बिहार, 1974) या नवनीरमन आंदोलन (गुजरात, 1973)


प्रश्न 5. आपातकाल की एक मुख्य विशेषता बताइए।
उत्तर: मौलिक अधिकारों का निलंबन या प्रेस पर सेंसरशिप


प्रश्न 6. 1977 के बाद आपातकाल घोषित करने की शर्तों को कठोर बनाने वाला संशोधन कौन सा है?
उत्तर: 44वां संशोधन (1978)


प्रश्न 7. आपातकाल का एक राजनीतिक परिणाम बताइए।
उत्तर: कांग्रेस का प्रभुत्व समाप्त और गठबंधन राजनीति का उदय


प्रश्न 8. 1975 में आपातकाल घोषित करने का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: आंतरिक अशांति (बाद में “राष्ट्रीय आपातकाल” कहा गया)


खंड – B (लघु उत्तरीय प्रश्न)

(प्रत्येक प्रश्न 2 अंक)


प्रश्न 9. आपातकाल से पहले भारत के दो राजनीतिक चुनौतियाँ बताइए।
उत्तर:

  1. क्षेत्रीय पार्टियों और सामाजिक आंदोलनों से बढ़ती चुनौती।
  2. कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच तनाव।

प्रश्न 10. आपातकाल के दो सामाजिक परिणाम बताइए।
उत्तर:

  1. जनता में सरकार के प्रति अविश्वास बढ़ा।
  2. मानवाधिकार उल्लंघन ने सतर्कता की आवश्यकता उजागर की।

प्रश्न 11. आपातकाल के दौरान दो आर्थिक/नीतिगत उपाय बताइए।
उत्तर:

  1. जबरन नसबंदी अभियान।
  2. झुग्गी-झोपड़ी हटाना और आर्थिक नियंत्रण।

प्रश्न 12. 1977 के आम चुनावों ने भारतीय राजनीति को कैसे प्रभावित किया?
उत्तर:

  • जनता पार्टी की निर्णायक जीत, कांग्रेस का प्रभुत्व समाप्त।
  • लोकतांत्रिक मानदंड बहाल हुए और विपक्ष की ताकत बढ़ी।

प्रश्न 13. आपातकाल के बाद एक कानूनी या संवैधानिक परिणाम बताइए।
उत्तर: न्यायिक समीक्षा मजबूत हुई और मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुदृढ़ हुई।


प्रश्न 14. लोकतंत्र में नागरिक सतर्कता क्यों आवश्यक है?
उत्तर:

  • सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए।
  • लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा और सत्ता के दुरुपयोग को रोकने के लिए।

खंड – C (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

(प्रत्येक प्रश्न 4 अंक)


प्रश्न 15. भारत में आपातकाल की पृष्ठभूमि समझाइए।
उत्तर:

  • राजनीतिक अस्थिरता: क्षेत्रीय पार्टियों और सामाजिक आंदोलनों से बढ़ती चुनौती।
  • न्यायिक चुनौतियाँ: केसावनंद भारती मामला; कार्यपालिका-न्यायपालिका तनाव बढ़ा।
  • सामाजिक असंतोष: नवनीरमन आंदोलन (गुजरात, 1973), जेपी आंदोलन (बिहार, 1974), हड़तालें और प्रदर्शन।
  • जनता में असंतोष: चुनाव में हार और लोकप्रिय जनादेश में कमी की धारणा।

प्रश्न 16. 1975 में घोषित आपातकाल की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:

  • मौलिक अधिकारों का निलंबन (अनुच्छेद 19 आदि)
  • प्रेस सेंसरशिप और विरोध को दबाना
  • राजनीतिक विरोधियों की गिरफ्तारी बिना मुकदमे के
  • सत्ता का केंद्रीकरण, संघीय सिद्धांतों का कमजोर होना
  • नीतिगत उपाय: जबरन नसबंदी, झुग्गी हटाना, आर्थिक नियंत्रण

प्रश्न 17. आपातकाल के राजनीतिक और सामाजिक परिणामों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:

  • राजनीतिक: कांग्रेस का प्रभुत्व समाप्त, गठबंधन राजनीति का उदय, राजनीतिक जागरूकता बढ़ी।
  • सामाजिक: जनता में अविश्वास, जवाबदेही की मांग, मानवाधिकार जागरूकता।
  • कानूनी: 44वां संशोधन, न्यायिक समीक्षा मजबूत।
  • आर्थिक: जबरन नीतियों को विरोध का सामना करना पड़ा; लोकतांत्रिक सहमति के बिना विकास सीमित।

प्रश्न 18. आपातकाल के बाद किए गए सुधार और सबक समझाइए।
उत्तर:

  • संवैधानिक सुरक्षा: 44वां संशोधन ने आपातकाल की शर्तें कठोर बनाई।
  • लोकतंत्र बहाल: मौलिक अधिकार, प्रेस स्वतंत्रता और राजनीतिक अभिव्यक्ति पुनः प्रारंभ।
  • राजनीतिक सबक: नियंत्रण और संतुलन, नागरिक भागीदारी और समाजिक सक्रियता आवश्यक।
  • संस्थागत सबक: न्यायपालिका की स्वतंत्रता, जवाबदेही और संघीयता मजबूत हुई।

खंड – D (निबंधात्मक प्रश्न)

(प्रत्येक प्रश्न 6 अंक)


प्रश्न 19. 1975-77 के आपातकाल का भारतीय लोकतंत्र पर समग्र प्रभाव का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर:

  • लोकतंत्र के लिए चुनौती: संस्थाओं और मानदंडों को खतरा, सत्ता का केंद्रीकरण।
  • राजनीतिक प्रभाव: कांग्रेस का प्रभुत्व समाप्त, गठबंधन राजनीति का उदय।
  • सामाजिक प्रभाव: जनता में अविश्वास, मानवाधिकार उल्लंघन।
  • कानूनी प्रभाव: 44वां संशोधन; न्यायपालिका अधिक सक्रिय हुई।
  • सबक: जवाबदेही, नागरिक सतर्कता, नागरिक स्वतंत्रता और राजनीतिक विपक्ष आवश्यक।
  • निष्कर्ष: भारत मजबूत संस्थाओं, राजनीतिक जागरूकता और लोकतांत्रिक मजबूती के साथ उभरा।

प्रश्न 20. आपातकाल के अनुभव के आधार पर लोकतंत्र में सत्ता के दुरुपयोग को रोकने के उपाय सुझाइए।
उत्तर:

  1. संवैधानिक सुरक्षा उपाय (जैसे अनुच्छेद 352 में संशोधन)।
  2. स्वतंत्र और सक्रिय प्रेस जो सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करे।
  3. स्वतंत्र न्यायपालिका जो कार्यपालिका को जांच सके।
  4. नागरिक भागीदारी और सतर्कता राजनीति और शासन में।
  5. मजबूत विपक्ष और नागरिक समाज जो मनमानी कार्यों को चुनौती दे।
  • निष्कर्ष: लोकतंत्र तभी सुरक्षित रहता है जब संस्थाएँ, नागरिक और सत्ता पर नियंत्रण मिलकर काम करें।

पूर्णांक वितरण सारणी

खंडप्रश्न का प्रकारप्रश्न संख्याप्रत्येक प्रश्न के अंककुल अंक
Aअति लघु उत्तर818
Bलघु उत्तर6212
Cदीर्घ उत्तर4416
Dनिबंधात्मक2612
कुल2040

Leave a Reply

Scroll to Top